ब्रेकिंग
एमएसडब्ल्यू-बीएसडब्ल्यू के छात्रों ने किया वृद्धा आश्रम का दौरा, बुजुर्गों के दर्द ने नम की आंखें ‎ नेशनल लोक अदालत प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना ‎मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विद्यार्थियों ने सीखी मिट्टी के गणेश प्रतिमा बनाना, पर्यावरण संरक्षण ... स्वैच्छिकता पर्व के तहत "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान में हुआ पौधारोपण वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 09 मई 2026 को‘‘ जिला न्यायालय हरदा एवं तहसील न्... हरदा में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके ने अमृत भारत एक्सप्रेस का स्वागत किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण* *किसी भी समय,कहीं भी उतर सकता... सीएम डॉ. मोहन यादव के प्रयासों का दिखा असर, 100 लाख मीट्रिक टन हुआ गेहूं खरीदी कोटा उज्जैन: नागझिरी थाना क्षेत्र में खदान के तालाब में डूबने से दो किशोरों की मौत, देर रात तक चला रेस्क्... उज्जैन महाकाल की शरण में अनुपम खेर और शुभांगी दत्त; भोग आरती में हुए शामिल*
व्यापार

ट्रंप को सबक सिखाने की तैयारी में भारत! इन चीजों पर लगा सकता है भारी भरकम टैरिफ

India Tariffs: भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर पलटवार की बड़ी तैयारी में है। भारत, अमेरिका द्वारा भारत से आयातित स्टील, एल्युमीनियम और संबंधित उत्पादों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के जवाब में चुनिंदा अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। हिंदुस्तान टाइम की रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 31 जुलाई को सभी भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा के बाद भारत की पहली औपचारिक जवाबी कार्रवाई होगी, जिसके बाद 6 अगस्त को भारत के रूसी तेल आयात पर नए जुर्माने लगाए गए।

बातचीत से ट्रेड वॉर तक

बता दें कि स्टील और एल्युमीनियम विवाद फरवरी से ही सुलग रहा है, जब ट्रंप प्रशासन ने इन मेटल्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। जून में, शुल्क दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया गया था। इससे कम से कम 7.6 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय निर्यात पर असर पड़ा है।

WTO से कंसल्ट की मांग

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) से कंसल्ट की मांग की, यह तर्क देते हुए कि ये उपाय ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ उपायों के रूप में प्रच्छन्न थे, लेकिन वास्तव में, WTO के अनुरूप सुरक्षा शुल्क नहीं थे। वाशिंगटन द्वारा वार्ता से इनकार करने के बाद नई दिल्ली ने अब WTO के नियमों के तहत जवाबी कार्रवाई के लिए कानूनी आधार तैयार कर लिया है। हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, “यूएस बातचीत के जरिए भारत की चिंताओं का समाधान करने को तैयार नहीं है, जिससे भारत के पास जवाबी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।” जवाबी कार्रवाई अमेरिकी शुल्कों से होने वाले नुकसान के रेशियो में कुछ अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क लगाकर शुरू हो सकती है। एक अन्य अधिकारी ने एचटी को बताया, “दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, फिर भी अमेरिका भारत के आर्थिक हितों के खिलाफ अन्यायपूर्ण तरीके से काम कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत “अमेरिका की एकतरफ़ा और अनुचित कार्रवाइयों का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button